मंडी। सर्दी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रब टायफस ने दस्तक दी है। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में दो दिनों में स्क्रब टायफस से पीड़ित दो मरीज भर्ती हुए हैं। मौसम खुलने पर लोग मक्की कटाई के बाद घास कटाई में जुटे हुए हैं। ऐसे में घास में पाए जाने वाले विषाणु की वजह से लोग स्क्रब टायफस से पीड़ित हो रहे हैं।
बुखार और सर्दी लगने पर लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल के महिला मेडिसिन रोगी वार्ड में स्क्रब टायफस से पीड़ित दो महिलाएं भर्ती हुई हैं। इनमें सरकाघाट उपमंडल के बलद्वाड़ा क्षेत्र के थाना चौकी गांव से 18 वर्षीय युवती और मंडी सदर क्षेत्र के बाड़ी गुमाणु से 30 वर्षीय महिला स्क्रब टायफस की चपेट में आई है।
करीब चार माह तक लगातार बरसात होने के बाद सितंबर में मंडी जिले के विभिन्न इलाकों से स्क्रब टायफस के मामले सामने आए थे। अब दो महा बाद फिर से स्क्रब टायफस के मामले सामने आए हैं।
....फसल और घास कटाई के दौरान लोग विषाणु के काटने पर स्क्रब टायफस की चपेट में आते हैं। स्क्रब टायफस के बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में भी दो मरीज उपचार ले रहे हैं।
-डॉ. दिनेश ठाकुर, एमएस क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
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क्या है स्क्रब टायफस रोग
यह एक जीवाणु संक्रमण है जो संक्रमित चिगर्स (छोटे घुन के लार्वा) के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, चिगर काटने वाली जगह पर काली पपड़ी और दाने उभर आते हैं। इस रोग का उपचार एंटीबायोटिक्स से होता है।
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क्या है लक्षण
बीमारी के लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और शरीर में दर्द, खांसी और दाने जो बुखार के कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। स्क्रब के लक्षण होने पर चिकित्सीय सलाह अनुसार उपचार लें।
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