सुंदरनगर (मंडी)। बल्ह घाटी के मैरामसीत क्षेत्र के बैरी गांव की रक्षा देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर फूड प्रोसेसिंग में सफलता की नई इबारत लिखी है। प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों से अब एक लाख रुपये प्रतिमाह आय हासिल कर रही हैं। रक्षा देवी ने तीन अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है। रक्षा देवी ने बताया कि शीतला स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनने के बाद उन्होंने अपने हुनर को पहचाना।
मोटे अनाज के उत्पाद जैसे मल्टीग्रेन कचौरी, मल्टीग्रेन सिड्डू, कोदरे की चाय और मिठाइयां इत्यादि बनाने का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर से हासिल किया। समूह ने मल्टीग्रेन आटा, कोदरे, जौ, चावल तथा ज्वार का आटा, लोकल चावल, लाल चावल, अलसी, लोकल सीरा, क्राफ्ट तथा बहुत सा हैंडमेड सामान तैयार करना शुरू किया।
अब कचौरी आर्डर पर या रोजाना दुकान पर भी बनाते हैं। एसडीएम कार्यालय सुंदरनगर के समीप स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों की बिक्री के उद्देश्य से जाइका के तहत रिटेल आउटलेट शीतला स्वयं सहायता समूह की सदस्य रक्षा देवी को दिया गया। वर्तमान में रिटेल आउटलेट से प्रतिमाह लगभग एक लाख रुपये की आमदनी हो रही है।
मोटे अनाज सिड्डू, चाय और कचौरी बनाना भी शुरू किया
मोटे अनाज के खाद्य पदार्थ जैसे सिड्डू, चाय और कचौरी बनाना भी शुरू किया है। खाद्य पदार्थों के प्रति ग्राहकों की भारी मांग को देखते हुए शीतला स्वयं सहायता समूह हर सोमवार और गुरुवार को सरसों का साग और मक्की की रोटी तथा राजमाह-चावल तैयार कर रहा है। न्यायालय, सरकारी अस्पताल सुंदरनगर, आत्मा कृषि परियोजना, पुलिस स्टेशन के कर्मचारी नियमित आधार पर दुकान पर आते हैं।
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