एमसीएच मंडी की बाल रोग आपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। स्रोत जागरूक पाठक
मंडी। मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) मंडी में बीते तीन दिनों से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के अवकाश पर रहने से छोटे बच्चों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे दूर-दराज़ से आने वाले अभिभावकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिजन मजबूरी में निजी क्लीनिकों का रुख कर रहे हैं, जहां पर्ची और दवाइयों के लिए उन्हें मोटी रकम चुकानी पड़ रही है।
विशेषज्ञ न होने की स्थिति में अस्पताल में अन्य डॉक्टर प्राथमिक जांच कर रोगियों को घर भेज रहे हैं। वहीं कुछ गंभीर बच्चों को मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया जा रहा है। बच्चों में इन दिनों हेपेटाइटिस-ए और हैंड-फुट-माउथ डिजीज का प्रकोप बढ़ा है। हाल ही में मंडी में हेपेटाइटिस-ए के पांच मामले एक साथ सामने आए थे। विशेषज्ञ की देखरेख में इलाज कर मरीजों को ठीक किया गया था।
द्रंग क्षेत्र के कटौला निवासी मीर मुहम्मद, मंगवाई मंडी से हुकमचंद, दुदर से रुक्मणी देवी, भरगांव कोटली से शीला देवी और सन्यारड़ मंडी से कृपाल चंद ने बताया कि उनके बच्चों को बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत थी। दो दिन से निजी दवाइयां देने के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ तो वे एमसीएच पहुंचे, लेकिन यहां विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं थे।
वहीं, मामले को लेकर जब क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्म सिंह वर्मा से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. दीपाली शर्मा ने कहा कि मैं भी कुछ दिन अवकाश पर थी। इस विषय की जानकारी अब मिली है। जल्द ही ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।