स्मार्ट कार्ड के बाद भी गरवासड़ा से जाहू के लिए काटी गई 89 रुपये की टिकट। स्त्रोत यात्री
मंडी। एचआरटीसी की बसों के बाद अब इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनें भी यात्रियों के लिए परेशानी बनने लगी हैं। मशीनों की तकनीकी खामियों के कारण यात्रियों को तय से अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला सोमवार को सरकाघाट डिपो की गरली-शिमला रूट पर जाने वाली बस में सामने आया, जब यात्रियों को 22 रुपये अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ा।
यात्रियों ने जब कंडक्टर से विरोध जताया तो उनमें मशीन से ही टिकट निकलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। धर्मपुर के घरवासड़ा निवासी विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह गरली-शिमला रूट पर चलने वाली बस में घरवासड़ा से जाहू के लिए टिकट लिया। स्मार्ट कार्ड होने के बावजूद 33 किलोमीटर सफर का 89 रुपये किराया वसूला गया। जबकि घरवासड़ा से जाहू के लिए स्मार्ट कार्ड के साथ 67 रुपये किराया लगता है।
टिकट की जांच पर पता चला कि किराये में पंजाब के किराये के 25 रुपये भी जोड़े गए हैं, जबकि रूट पर पंजाब का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि परिचालक टिकट थमाने के बाद यहीं कहकर पल्ला छुड़ा रहे हैं कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। मशीन से ऑटोमेटिक टिकट जनरेट होता है।
अमर उजाला के माध्यम से मामला ध्यान में आया है। टिकट में पंजाब का किराया कैसे जोड़ा गया, कंप्यूटर रूम और संबंधित एजेंसी से इसकी जांच करवाई जा रही है। तकनीकी खामी के कारण ऐसा हुआ है। इसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा, ताकि यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े। स्टाफ को निर्देश दे दिए गए हैं।
- मेहर चंद, आरएम, सरकाघाट