मंड। हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक उपन्यास लिखने वाले मंडी जिले के वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. गंगाराम राजी के ऐतिहासिक उपन्यास जनरल जोरावर सिंह का पंजाबी भाषा में अनुवाद हुआ है। पंजाबी साहित्य के मशहूर कवि, साहित्यकार प्रो. सुरजीत सिंह जज ने इस ऐतिहासिक उपन्यास का हिंदी से पंजाबी भाषा में अनुवाद किया है।
साहित्यकार गंगाराम राजी ने बताया कि जोरावर सिंह कहलूरिया महान योद्धा थे जिन्हें शेरों का राजा कहा जाता था। वास्तव में जोरावर सिंह एक ऐसा चरित्र है जो जम्मू, पंजाब और हिमाचल में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लेह-लद्दाख जैसा सामरिक महत्व का इलाका जनरल जोरावर सिंह के कारण ही भारत का अंग बना है। जनरल जोरावर सिंह ने माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में युद्ध करके इसे प्राप्त किया और बलिदान हुए। जनरल जोरावर सिंह संसार का ऐसा योद्धा था जिसकी समाधि दुश्मनों की ओ से बनाई गईं। जोरावर सिंह का जन्म प्राचीन पहाड़ी रियासत कलहूर के कलहूर गांव में हुआ था। संवाद