जोगिंद्रनगर में रेलवे ट्रैक पर मौजूद रेलगाड़ी का फाईल फोटो।
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट–जोगिंद्रनगर रेलवे ट्रैक पर करीब तीन साल बाद रेलगाड़ियां दोबारा चलने की उम्मीद बढ़ गई है। रेलवे ने ट्रैक बहाली की प्रक्रिया तेज करते हुए शनिवार से ट्रायल रन शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने रेल इंजन के माध्यम से पटरियों का निरीक्षण करके लंबे समय से ठप पड़ी सेवाओं को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। शनिवार सुबह बैजनाथ पपरोला रेलवे स्टेशन से रेल इंजन को जोगिंद्रनगर की ओर रवाना किया गया। 20 किलोमीटर का सफर इंजन ने दो घंटे दस मिनट में पूरा किया और 10:20 बजे जोगिंद्रनगर पहुंचा।
इसके बाद 10:40 बजे इंजन वापस बैजनाथ-पपरोला भेजा गया। इसी तरह कांगड़ा, पालमपुर, नूरपुर और पठानकोट की ओर भी ट्रायल रन शुरू कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि तीन साल पहले बाढ़ और खनन के कारण पठानकोट के पास स्थित चक्की रेलवे पुल तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद ट्रैक पर रेल सेवाएं आंशिक रूप से बंद कर दी गई थीं। अब यह पुल पूरी तरह तैयार हो चुका है और जल्द इसका भी ट्रायल होगा।
इसके बाद पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक सभी ट्रेनों की बहाली का रास्ता साफ हो जाएगा। 164 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर पूर्व में पठानकोट और बैजनाथ पपरोला के बीच छह-छह ट्रेनें अप-डाउन करती थीं। भूस्खलन और तकनीकी कारणों से सेवाएं धीरे-धीरे सीमित हो गई थीं। 15 अगस्त के बाद से जोगिंद्रनगर-नूरपुर सेक्शन भी ठप पड़ा था। तीन माह बाद ट्रैक पर फिर से हलचल शुरू होने से स्थानीय लोगों में उत्साह है।