मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव से पहले मेला स्थल पड्डल मैदान पर मंगलवार को व्यापारियों का असंतोष खुलकर सामने आया। वर्षों से मेले में व्यापार कर रहे व्यापारियों ने ठेका प्रथा का विरोध कर आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के कारण दुकानों के लिए जगह उन्हें दोगुनी कीमत पर मिल रही है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। विरोध के दौरान व्यापारियों ने ठेका प्रथा समाप्त करने के नारे भी लगाए।
मेला स्थल पर एकत्र हुए व्यापारियों सोहन सिंह सहित अन्य ने बताया कि वे करीब 25 वर्षों से महाशिवरात्रि महोत्सव में दुकानें लगाते आ रहे हैं। ठेकेदारी प्रथा लागू होने के बाद से दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता खत्म हो गई है। उन्हें महंगी दरों पर जमीन लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
व्यापारियों के अनुसार ठेकेदार मनमाने शुल्क वसूलते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिस स्थान के लिए 25 हजार रुपये देने पड़े थे, उसी जगह के लिए इस बार 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से हस्तक्षेप की मांग कर ठेका प्रथा को बंद करने के लिए कहा है। मांग उठाई कि मेलों में दुकानों का आवंटन सीधे जिला प्रशासन की ओर से किया जाए। 16 से 22 फरवरी तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में व्यापारी भाग लेते हैं। उधर, एडीएम डॉ. मदन कुमार ने बताया कि ठेकेदार को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। संवाद