बरोट वैली की उहल नदी में उतरकर अठखेलियां व सैल्फी लेते टूरिस्ट। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। गर्मियों के मौसम में बरोट वैली पहुंच रहे पर्यटक रोमांच और सेल्फी के जुनून में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। थमसर ग्लेशियर के पिघलने से उफान पर ऊहल नदी में बाहरी राज्यों से आए पर्यटक छोटे बच्चों के साथ उतर रहे हैं। चेतावनियों और पूर्व में हुए हादसों के बावजूद पर्यटकों की यह लापरवाही स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इन दिनों बरोट वैली में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ऊहल नदी के किनारे पहुंच रहे हैं लेकिन कई पर्यटक नदी के बीच तक जाकर सेल्फी और फोटोग्राफी कर रहे हैं। थमसर ग्लेशियर के पिघलने से नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और तेज बहाव किसी भी समय हादसे का कारण बन सकता है।
बरोट निवासी हरीश, प्रतीक और देवेंद्र ने बताया कि पहले भी ऊहल नदी में उतरने के दौरान हादसे हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद पर्यटक सबक लेने को तैयार नहीं हैं। उधर, शानन परियोजना क्षेत्र में भी पर्यटक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। रेजर वायर के पास फोटोग्राफी प्रतिबंधित होने के बावजूद लोग तस्वीरें खिंचवाने के लिए सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर रहे हैं।
शानन प्रोजेक्ट की रेजर वायर के समीप फोटोग्राफी निषिद्ध है। इसके बावजूद यदि पर्यटक नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भूपेंद्र सिंह, एसई, शानन परियोजना