जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर-पठानकोट हेरिटेज रेललाइन के ब्राडगेज होते ही मंडी-कांगड़ा जिलाें के पर्यटन को पंख लगेंगे। शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की आवाजाही शुरू होते ही पर्यटकों का सफल सुहाना व रोमांच भरा होगा। करीब 164 किलोमीटर रेललाइन के आधुनिकीकरण और ब्राडगेज की कदमताल शुरू होते ही ऐसी उम्मीदें जगी हैं।
कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद की ओर से केंद्रीय रेल मंत्रालय में नैरोगेज रेललाइन के ब्राडगेज होने पर जारी बयान पर दो जिलों के लोगों में खुशी की लहर है। अनुमानित तीस हजार करोड़ का बजट रेललाइन के आधुनिकीकरण पर खर्च होने की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्रालय से मिली है। मंडी संसदीय क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्र जोगिंद्रनगर में करीब एक सदी बाद रेललाइन के विस्तार पर स्थानीय भाजपा विधायक प्रकाश राणा, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज जम्वाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को रेललाइन के विस्तार की सौगात दी है, इससे मंडी-कांगड़ा सीमा से सटी बीड़ बिलिंग, द्रंग हलके की चौहारघाटी के पर्यटन को पंख लगेंगे।
शानन प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 1926 में बिछाई गई थी रेललाइन
जोगिंद्रनगर-पठानकोट ऐतिहासिक रेललाइन के इतिहास की बात करें तो वर्ष 1926 में शानन प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर ब्रिटिश नागरिक कर्नल बैटी ने 164 किलोमीटर लंबी नैरोगेज लाइन बिछाई थी। करीब दो फीट और 6 इंच की नैरोगेज लाइन में 990 पुल और दो सुरंगों का निर्माण किया था। जोगिंद्रनगर से पठानकोट तक तीस से अधिक रेलवे स्टेशन हैं। इसमें हजारों लोग रोमांच का सफर करते हैं और अब इस रेललाइन को ब्राडगेज करने की कदमताल शुरू हुई है।