औट में नाले में आई बाढ़ व मलबे की चपेट में आया घर। स्त्रोत- जागरूक पाठक
- फोटो : परियर क्षेत्र में नाव से आवागमन करते लोग। संवाद
नगवाईं (मंडी)। शनिवार देररात से जारी भारी बारिश ने रविवार तड़के ही स्नोर घाटी में तबाही मचाई। औट, टकोली, नगवाईं अस्पताल, पनारसा, रैंस आदि जगहों पर खड्ड-नाले उफान पर आ गए। इससे इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। पानी और मलबा लोगों के घरों, खेतों और दुकानों में घुस गया। रात को नालों के रौद्र रूप को देखकर लोगों ने भागकर जान बचाई। मलबे की चपेट में औट के पांच मकान और दो गोशालाएं आई हैं। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान रिपोर्ट नहीं हुआ है।
नालों में आई बाढ़ गांवों में तबाही मचाती हुई फोरलेन तक पहुंची। रविवार सुबह होते ही स्नोर घाटी के अलग-अलग गांवों से मलबा ही मलबा फैल गया। नगवाईं, टकोली और पनारसा में फोरलेन पर भी मलबा फैल गया। पनारसा और टकोली में डिपो और दुकानों में पानी घुस गया। टकोली सब्जी मंडी मलबे से भर गई है। यहां आनन फानन में किसानों और आढ़तियों ने अपने उत्पाद बचाए। मलबा आने से फोरलेन पर यातायात भी बाधित हो गया। मशीनरी से मलबा हटाने के बाद यहां फोरलेन बहाल हुआ। नगवाईं और आसपास वाहन भी मलबे की चपेट में आ गए। घरों के आसपास भी बाढ़ से काफी नुकसान हुआ।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार औट में पांच मकान मलबे की चपेट में आए हैं। औट और रैंस में दो गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे दो मवेशी मर गए। नाऊ में भी एक मकान नाले की चपेट में आ गया है।
उधर, तहसीलदार औट रमेश राणा ने बताया कि भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड से घाटी में नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। नियमानुसार राहत दी जा रही है।
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कंपनी के कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान
औट तहसील के शालानाला के पास फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी के कार्यालय के साथ बहते नाले ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया। इस कारण कंपनी के कार्यालय की सुरक्षा दीवार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। जब यहां नाले ने अपना रौद्र रूप दिखाया तो यहां रह रहे कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। संवाद
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