सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश 95 प्रतिशत अनुदान प्राप्त कॉलेज प्राध्यापक संघ ने प्रदेश विश्वविद्यालय के राजकीय तथा अनुदान प्राप्त कॉलेजों को रूसा के तहत छठे सेमेस्टर के कोर्सों की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अपने-अपने कॉलेज मेें ही करवाने के निर्णय का विरोध किया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष डा. सीपी कौशल ने कहा कि वह हर सरकारी व अनुदान प्राप्त कालेजों में मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने के पक्षधर हैं, यदि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अंतर महाविद्यालय प्रणाली केे तहत किया जाए। यदि मूल्यांकन अपने ही स्तर पर हो तो इससे विश्वविद्यालय की साख गिरेगी। अभी भी विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय प्रणाली को अपना सकता है। संघ ने विश्वविद्यालय को रूसा के प्रति पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि छठे सेमेस्टर मेें पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं के पिछले पाठ्यक्रम के परिणाम विश्वविद्यालय की गलत कार्यप्रणाली की वजह से लटके पड़े हैं।
यदि समय पर परिणाम न आए तो हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक सकता है। विश्वविद्यालय को रूसा के प्रति गंभीर तथा योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। छठे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के भविष्य की चिंता के तहत संघ इस बार मूल्यांकन कर सकता है। आने वाले समय में यदि हर राजकीय तथा अनुदान प्राप्त कालेज में अंतर महाविद्यालय स्तर पर मूल्यांकन केंद्र स्थापित नहीं किए गए तो प्राध्यापक मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे। डा. सीपी कौशल ने कहा कि इन कॉलेजों में मूल्यांकन केंद्र स्थापित होने पर न केवल परिणाम समय पर आएंगे बल्कि विश्वविद्यालय अपने संसाधनों की बचत कर पाएगा। संघ ने विश्वविद्यालय के कुलपति तथा परीक्षा नियंत्रक को अपनी राय से अवगत करवा दिया है।