मंडी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए मंडी जिला के लाभार्थी आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण का विकल्प चुन सकते हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंडी जिले में फिंगरप्रिंट बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न वितरण के लिए मैसर्ज मंतरा सॉफ्टेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को सूचीबद्ध किया गया है।
नई पीओएस मशीनों की आपूर्ति, स्थापना और रखरखाव के लिए सेवा प्रदाता के चयन की निविदा वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। साथ ही आधार आधारित फेस प्रमाणीकरण को भी पीडीएस प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। निकट भविष्य में इसके लागू होने की संभावना है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंडी ब्रिजेंद्र सिंह पठानिया ने आम जनता से आग्रह किया है कि जब तक नई तकनीकी व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू नहीं हो जाती, तब तक वह आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन लाभार्थियों के राशन कार्ड में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं, वह पहले अपने आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं। इसके बाद राशन कार्ड में भी मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं। इससे राशन प्राप्त करने में कोई बाधा नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी लाभार्थी को राशन प्राप्त करने में कोई कठिनाई या समस्या होती है, तो वह अपने क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक या जिला खाद्य कार्यालय मंडी से संपर्क कर सकते हैं।