मंडी। मंडी जिला में नदियों, खड्डों व नालों में अवैध रूप से मछलियों का शिकार करने वालों पर मत्स्य विभाग अब सख्ती से निपटेगा। जिला में अवैध मछली शिकार रोकने के लिए विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने टीमें गठित की हैं। ये टीमें जिला भर की खड्डों में पैनी नजर रखेगी। मामला सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीते साल विभाग ने जिला में 221 मामले अवैध मत्स्य आखेट के पंजीकृत किए हैं। 1.57 लाख रुपये जुर्माना वसूल कर राजकीय कोष में जमा किया है। इस साल अब तक 27 मामले पंजीकृत किए गए हैं। 15,500 रुपये का जुर्माना विभाग ने आरोपियों से प्राप्त किया है। जिला मंडी में सामान्य जल में जाल से मछली पकड़ने के लिए लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 531 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। कोई भी व्यक्ति अपने आधार कार्ड तथा बैंक खाते की प्रति सहित अपने समीप के मत्स्य अधिकारी से संपर्क कर लाइसेंस बनवा सकता है। इसके अतिरिक्त लोक मित्र केंद्र में जाकर भी आनलाइन लाइसेंस बनाए जा सकते हैं।
अवैध रूप से मछली पकड़ने के किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। स्थानीय लोगों से आग्रह है कि मछली के अवैध शिकार से बचें। कोई मामला अगर सामने आता है तो कार्यालय को सूचित कर विभाग का सहयोग करें।
-नीतू सिंह, सहायक निदेशक, मत्स्य पालन विभाग, जिला मंडी