बरसात का पानी सीवरेज लाइन में डालने वालों की अब खैर नहीं है। सिंचाई एव जन स्वास्थ्य विभाग ने अपने घरों का पानी सीवरेज लाइन में डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया है। इसके लिए विभाग के कार्यालय में बाकायदा एक शिकायत कक्ष बनाया गया है। जहां पर सीवरेज से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना विभाग को दी जा सकती है।
बरसात का मौसम शुरू होते ही सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के ट्रीटमेंट प्लांट में सीवरेज के पानी की आवक बढ़ने से विभाग के अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। इस कारण कभी भी प्लांट में ओवर फ्लो शुरू हो सकता है। अधिकारियों ने अचानक पानी की आवक बढ़ने की जांच की तो पाया कि शहर के अधिकतर सीवरेज उपभोक्ताओं ने अपने लेंटर आदि की पाइप ड्रेनेज सीवरेज लाइन से जोड़ रखी है। इस कारण बारिश में ट्रीटमेंट प्लांट में एकाएक बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में विभाग ने अब एक शिकायत कक्ष का गठन किया है। जहां पर फोन करके कोई भी अपनी सीवरेज से संबधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं वहीं उन लोगों का नाम और पता भी बता सकते हैं, जिन्होंने अपने घर की ड्रेनेज का पानी सीवरेज लाइन के साथ जोड़ रखा है। सूचना देने वाले का नाम विभाग गुप्त रखेगा। विभाग की इस कवायद से नियमों को ताक पर रख कर सीवरेज लाइन में लेंटर के पानी का कनेक्शन जोडने वालों में हड़कंप मच गया है। आईपीएच ने बरसात के दिनों में ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए सर्वे भी शुरू करने का निर्णय लिया है।
सुंदरनगर में तैनात सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सीवरेज लाइन में ड्रेनेज का पानी डालना नियमों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ऐसा किया है विभाग उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा। उन्होंने इस मामले में लोगों से सहयोग करने की भी अपील की है।