कटौला वन परिक्षेत्र की रेहडू बीट में अवैध रूप से 22 से अधिक अवैध रूप से देवदार के पेड़ काटने के मामले में वन विभाग और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। वन परिक्षेत्राधिकारी कटौला वीरेंद्र कुमार की शिकायत पर कमांद पुलिस चौकी में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। वन विभाग ने पेड़ काटने मामले पर कड़ा संज्ञान लेकर डिप्टी रेंजर, फॉरेस्ट गार्ड और चौकीदार को निलंबित किया है। इस दौरान ये तीनों वन मंडल मुख्यालय में ड्यूटी देंगे।
रविवार को कमांद चौकी पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने संयुक्त से रेहडू बीट के बंबोला और खोबा जंगल में जाकर पेड़ काटने का जायजा लिया।
कटौला रेंज की रेहडू बीट के तहत बंबोला और खोबा जंगल में देवदार के हरे पेड़ों का कटान किया गया। पेड़ काटने का पता लगाने पर वन विभाग के करीब 22 देवदार के पेड़ काटे मिले। काटे गए पेड़ों के ठूंठ ही मौके पर शेष पाए गए। पेड़ काटने का मामला उजागर होने पर कटौला रेंज के वन परिक्षेत्राधिकारी विनोद कुमार की शिकायत पर कमांद पुलिस चौकी में वन अधिनियम की धारा 32,33 41, 42 और आईपीसी की धारा 379, 34 के तहत केस दर्ज किया।
हरे देवदार के पेड़ों पर किसने आरी चलाई। इसके लिए पुलिस और वन विभाग की टीम तफ्तीश में जुटी है। रविवार को कमांद चौकी पुलिस के प्रभारी एएसआई लक्ष्मी चंद और वन परिक्षेत्राधिकारी वीरेंद्र कुमार ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की है। अभी तक 22 पेड़ों के काटे की सबूत मिले हैं। पेड़ काटने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर डिप्टी रेंजर, फॉरेस्ट गार्ड और चौकीदार को निलंबित कर दिया है। अरण्यपाल मंडी उपासना पटियाल ने कटौला रेंज में पेड़ कटान मामले में उच्च अधिकारियों के आदेश पर डिप्टी रेंजर, फॉरेस्ट गार्ड और चौकीदार को निलंबित किया गया।पुलिस अधीक्षक मंडी प्रेम कुमार ठाकुर ने बताया कि फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की शिकायत पर पुलिस ने अवैध पेड़ काटने का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है।