पंडोह (मंडी)। चंडीगढ़–मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी से कुल्लू के बीच बुधवार दोपहर बाद लगभग 2 बजे यातायात फिर बाधित हो गया। दवाड़ा फ्लाईओवर का एक पिलर करीब दो मीटर धंस गया जबकि दो अन्य आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे फ्लाईओवर के एक भाग यानी गर्डर के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। सुरक्षा को देखते हुए एनएच पर करीब दो घंटे यातायात बंद रहा। मौके पर एनएचएआई की टीमें मौजूद रहीं और स्थिति का गंभीरता से मूल्यांकन किया।
दो घंटे बाद ट्रैफिक को पुलिस की निगरानी में एक-एक करके निकाला गया। रात 9:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। फ्लाईओवर के ऊपर लगातार बारिश के कारण पहाड़ से पत्थर गिर रहे हैं। फ्लाईओवर भी पिलर धंसने से झुक गया है। इससे पहले भी पहाड़ से गिरी बड़ी चट्टान की चपेट में आने से फ्लाईओवर को नुकसान पहुंचा है। अब फिर फ्लाईओवर को बड़ा नुकसान हुआ है।
सौभाग्य से किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। यहां फ्लाईओवर के हिस्से को मजबूती प्रदान करने के लिए नीचे से सहारा दिया जाएगा ताकि यातायात चल सके। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते झलोगी क्षेत्र में बार-बार भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं। तीन दिन पहले ही मार्ग को खोल दिया गया था लेकिन बुधवार को फ्लाईओवर का पिलर धंसने और ऊपर से पत्थर गिरने के कारण फिर दिक्कतें पेश आई। यहां खतरा बरकरार है।
जमीन पर नदी और ऊपर से मलबा पहुंचा रहा नुकसान
दवाड़ा फ्लाईओवर के नीचे एनएच को जमीन पर ब्यास नदी क्षति पहुंचा रहा है। यहां बड़े गड्ढे को हाल ही में भरा गया है जबकि ऊपर पहाड़ी से आ रहा मलबा नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाना भी चुनौतीपूर्ण है। इसके हटाने पर भारी मलबा आ जाएगा। इसी कारण फ्लाईओवर को नुकसान पहुंचा है।
तीन महीने से फ्लाईओवर पर आवाजाही ठप
करीब तीन महीने पहले ही दवाड़ा फ्लाईओवर के ऊपर से वाहनों की आवाजाही बंद है। बड़ी चट्टानें गिरने और फ्लाईओवर में दरारें आने के चलते यातायात बंद किया गया है। अब फ्लाईओवर के नीचे भी खतरा बढ़ गया है।
दवाड़ा फ्लाईओवर को फिर नुकसान रिपोर्ट हुआ है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है ताकि यातायात फ्लाईओवर के नीचे से चलाया जा सके।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी इकाई