जोनल अस्पताल परिसर के बाहर कूड़े को गिराकर सूखे और गीले की छंटाई करते अस्पताल के कर्मचारी। स्त्
मंडी। नगर निगम मंडी के स्वच्छता के लिए किए जा रहे तमाम प्रयास धराशायी होते नजर आ रहे हैं। न तो शहर के अधिकांश लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दे रहे हैं। न ही अस्पताल प्रबंधन की ओर से कचरा नियोजित तरीके से दिया जा रहा है। इस संबंध में शिकायतें करते के बाद भी अस्पताल के सफाई कर्मचारी नहीं माने तो निगम के कर्मचारियों ने तीन गाड़ियों में भरा अस्पताल का कचरा डंपिंग साइट से वापस अस्पताल परिसर में पहुंचाकर उड़ेल दिया।
जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के मुख्य द्वार के साथ कूड़ेदान रखे गए हैं। इसमें अस्पताल का बायोमेडिकल कचरे छोड़कर अन्य कूड़ा डाला जाता है। यहीं से नगर निगम के सफाई कर्मचारी कूड़ा उठकर डंपिंग साइट के लिए ले जाते हैं। मगर पिछले कुछ दिनों से शिकायत आ रही थी कि अस्पताल का सूखा और गीला कचरा एक साथ दिया जा रहा है। इससे डंपिंग साइट पर निष्पादन के लिए कचरे को अलग-अगल करना सफाई कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
बार-बार इस तरह सूखा और गीला कचरा एक साथ दिए जाने की सफाई कर्मचारियों ने निगम के अधिकारियों को शिकायत दी। इसके बाद निगम के सह आयुक्त विकास शर्मा के निर्देशानुसार शनिवार को पहले निगम के सफाई कर्मचारियों ने अस्पताल से कचरा उठाया और डंपिंग साइट पर पहुंचा दिया। जहां कचरे को अलग करते वक्त पाया गया कि गीला और सूखा कचरा एक साथ ही है। इस पर नगर निगम के अधिकारियों ने कचरे की तीन गाड़ियों को वापस अस्पताल पहुंचा दिया और कूड़ेदान के साथ उड़ेल दिया। इसके बाद अस्पातल के सफाई कर्मचारियों से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करवाया। इसके बाद डंपिंग साइट बिंद्रावणी भेजा गया।
नगर निगम के सफाई निरीक्षक सतीश गुलेरिया ने बताया कि अस्पताल परिसर से गीला और सूखा कूड़ा एक साथ देने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके चलते यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि रविवार के चलते अब सोमवार को अस्पताल परिसर से फिर कूड़ा उठाया जाएगा। अगर फिर से सूखा और गीला कचरा एक साथ दिया तो नोटिस के साथ चालान भी किया जाएगा।
उधर, सब्जी मंडी कांगणी में भी गिला और सूखा कूड़ा एक साथ देने की निगम को शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि सब्जी मंडी के प्रधान समेत अन्य पदाधिकारियों ने लिखित में निगम को गीला और सूखा कूड़ा अलग देने का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद शिकायतें मिल रही हैं। बता दें कि इससे पहले शहर में कुछ होटल व ढाबे वालों पर भी निगम ऐसी कार्रवाई कर चुका है।