मंडी। जिला मंडी में गर्मी चरम पर है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। करसोग, सरकाघाट, सुंदरनगर, लडभड़ोल समेत अधिकांश अहम क्षेत्रों में लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। प्राकृतिक जलस्रोतों में भी पानी का स्तर गिरने से परेशानी गहरा गई है। मंडी शहर में भी पानी की राशनिंग हो रही है।
यहां दिन में सिर्फ एक बार पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि सामान्य तौर पर सुबह शाम पानी छोड़ा जा रहा है। आईपीएच विभाग के एक अनुमान के मुताबिक ग्राउंड वाटर में 25 से 30 फीसदी तक की कमी दर्ज की जा रही है। फील्ड से डाटा जुटाया जा रहा है। यदि अधिक पेयजल किल्लत हुई तो प्रभावित क्षेत्रों में वाटर टैंकरों के प्रावधान के लिए प्रशासन से सिफारिश की जाएगी। चीफ इंजीनियर राजेश बक्शी ने कहा कि करसोग, सरकाघाट आदि क्षेत्रों में पानी की कमी है। रोजाना फील्ड से रिपोर्ट जुटाई जा रही है।
सरकाघाट की चार पंचायतें पानी को तरसीं -सरकाघाट (मंडी)। बसंतपुर, दारपा, बकार्टा पंचायत की करीब चार हजार आबादी को भरी गर्मियों में पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन पंचायतों को फीड करने वाली पेयजल योजना काफी पुरानी है। मरम्मत के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन, समस्या जस की तस है। ऐसे में गर्मियों में पानी की भारी दिक्कत से लोगों को जूझना पड़ रहा है। गर्मियों में प्राकृतिक स्रोतों में भी जलस्तर गिर गया है।
वहां भी पानी के लिए परेशानी है। लोगों ने इस क्षेत्र को फीड करने वाली कांढापतन अवाह देवी उठाऊ पेयजल योजना को दुरुस्त करने की मांग की है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। पंचायत प्रधान बसंतपुर, विजय कुमार, बकार्टा के दीप चंद्र, दारपा के सुनील कुमार, राज कुमार, संदीप ठाकुर, कुलदीप, प्रेम कुमार, काली दास, पंकज नेगी, संतोष नेगी, कमलेश नेगी, दिनेश, धर्मी देवी, प्रेम चंद, मीरा देवी, विजय लक्ष्मी पूर्व जिला परिषद सदस्य, बलवंत कुमार, रामजी, विनोद कुमार, रीता देवी, शकुंतला देवी, सुषमा और लता देवी का कहना है कि पेयजल किल्लत से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।