सरकाघाट (मंडी)। नागरिक अस्पताल सरकाघाट में विशेषज्ञ चिकित्सकों की दरकार होने से मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा से महरूम रहना पड़ रहा है। प्रयोगशाला में खराब पड़ी मशीनरी से टेस्ट सुविधा नहीं मिल रही। मरीजों को बेहतर उपचार लेने के लिए 50 से 60 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज नेरचौक, जोनल अस्पताल मंडी, एम्स बिलासपुर व हमीरपुर में जाना पड़ रहा है।
मौजूदा समय में यहां चिकित्सकों के 17 स्वीकृत पद है। इनमें से 6 पद रिक्त चल होने से मात्र 11 चिकित्सक ही सेवारत है। रात्रि सेवाओं, वार्ड राउंड, छुट्टी के साथ कुल मिलाकर अस्पताल में दिन में तीन से चार चिकित्सक ही ओपीडी में उपलब्ध रहते हैं। ये सभी एमबीबीएस हैं और कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं है।
अस्पताल में मशीन खराब होने से शुगर, थायराइड और खून के अधिकांश टेस्ट नहीं हो रहे हैं। निजी क्रस्ना लैब पर निर्भर रहना पड़ रहा है। मरीजों और तीमारदारों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकाघाट अस्पताल में संसाधनों में बढ़ोतरी की जाए। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जाएं।
सरकाघाट अस्पताल में चिकित्सकों की कमी और मशीनरी खराब के बारे में विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। प्रबंधन स्वयं मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के लिए अतिरिक्त सेवाएं दे रहा है। विभागीय स्वीकृति मिलने पर ही समस्या का समाधान हो सकेगा।
-डाॅ. देसराज शर्मा, एसएमओ नागरिक अस्पताल सरकाघाट
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सरकाघाट अस्पताल में चिकित्सकों की कमी और लैब में टेस्ट सुविधा न मिलने से लोगों को मजबूरन नेरचौक, मंडी व जिला हमीरपुर और बिलासपुर एम्स जाना पड़ रहा है। कई बार रेफर किए मरीज समय पर उपचार न मिलने से रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
-कश्मीर सिंह, चेयरमैन नगर परिषद सरकाघाट
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सरकारों के सत्ता परिवर्तन होने के चलते किसी ने भी सरकाघाट अस्पताल की सुध नहीं ली। जनता से चुनावी वादे कर सभी ने चुनावी रोटियां सेंकी है। धरातल पर किसी ने भी जनता के हित के लिए काम नहीं किए।
-प्रेम सिंह, निवासी नबाही
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सरकाघाट अस्पताल में चिकित्सकों की कमी और खराब पड़ी मशीनरी को लेकर प्रदेश सरकार को अवगत करवाया गया है। सरकार की तरफ से कोरे आश्वासनों ही मिल रहे हैं। धरातल पर कोई प्रयास नहीं हुए हैं।
-ब्रह्मदास, व्यापार मंडल अध्यक्ष सरकाघाट