शिशु, गायनी और हड्डी रोग ओपीडी में मरीजों को झेलनी पड़ रही है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल की शिशु ओपीडी सहित अन्य ओपीडी में बैठने के उचित प्रबंधन नहीं होने के चलते रोजाना नवजात शिशुओं के उपचार के लिए पहुंच रही माताओं को फर्श में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल के लचर प्रबंधन के चलते गर्भवती महिलाएं भी परेशान हैं। उपचार से पहले अस्पताल के पर्ची कक्ष में खड़े होकर एक घंटे का इंतजार करने के बाद जब मरीज उपचार के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं तो यहां पर भी बैठने के पुख्ता प्रबंध न होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बैठने की व्यवस्था नहीं होने के चलते कई बार मरीजों को खड़े-खड़े चक्कर आ जाते हैं, बावजूद उसके भी अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के बैठने के प्रबंधों में विस्तार को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। सोमवार को स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए चार सौ से अधिक मरीजों में अधिकांश मरीजों को कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान थकान से टूट चुकी कुछ महिलाओं ने फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार किया। गायनी ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ के बीच गर्भवती महिलाएं भी कतारों में खड़ी रही। हड्डी रोग ओपीडी के बाहर चोटिल मरीज भी कतारों में खड़े रहे। वहीं सामान्य ओपीडी नंबर 105 की बात करें तो यहां पर भी मरीजों के बैठने के अधूरे प्रबंधों के चलते परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
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एक्सरे और टेस्ट करवाना भी कठिन
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में मरीजों को डिजिटल एक्सरे और टेस्ट करवाने के लिए भी हर रोज पसीने छूट रहे हैं। अस्पताल की सरकारी प्रयोगशाला में टेस्ट का समय 12 बजे तक ही निर्धारित किया गया है। इसलिए यहां पर मरीजों की बेहताशा भीड़ परेशानियों का सबब बनी हुई है। निजी प्रयोगशाला में भी हर रोज पांच सौ से अधिक टेस्ट के दौरान तीमारदारों के भी पसीने छूट रहे हैं। वहीं डिजिटल एक्सरे के बात करें तो रोजाना सौ से अधिक डिजिटल एक्सरे की सेवाओं के दौरान मरीजों और तीमारदारों को लंबे इंतजार के चलते परेशानियां झेलनी पड़ रही है। यहां पर भी मरीजों के बैठने के अधरे प्रबंधों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
कोट्स
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के एसएमओ डॉ रोशन लाल कौंडल ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार को लेकर रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी जो निर्णय लिए गए हैं उसे धरातल में उतारने को लेकर अस्पताल प्रशासन के प्रयास जारी हैं। सभी ओपीडी में मरीजों के बैठने की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन के द्वारा की गई है। बताया कि बजट के अभाव के चलते इसमें विस्तार नहीं हो पा रहा है।