बगस्याड जंजैहली के बीच वन संपदा को पहुंचा नुकसान। संवाद
थुनाग (मंडी)। प्राकृतिक आपदा से नाचन और सराज क्षेत्र की वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वन विभाग नुकसान का आकलन ड्रोन के माध्यम से करेगा। इसके लिए वन विभाग फील्ड स्टाफ को अलग-अलग क्षेत्रों का दायित्व सौंप रहा है।
वन वृत्त मंडी के नाचन मंडल में 30 जून और पहली जुलाई को प्राकृतिक आपदा ने जमकर कहर बरपाया है। नदी-नालों में बाढ़ और पहाड़ियों पर भूस्खलन से करोड़ों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। मलबे के साथ पेड़ भी बह गए। भूमि कटाव भी हुआ है। नुकसान का आकलन करना वन विभाग के लिए आसान नहीं है क्योंकि सड़कें, रास्ते नहीं बचे हैं। इसलिए वन विभाग ने नुकसान का आकलन ड्रोन की मदद से करने का निर्णय लिया है।
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प्राकृतिक आपदा में वन संपदा को भी भारी नुकसान हुआ है। जमीनी स्तर पर आकलन करना चुनौती भरा है। इसलिए अब ड्रोन के माध्यम से नुकसान का आकलन किया जाएगा।
-सुरेंद्र कश्यप, वन मंडलाधिकारी, नाचन
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