जोगिंद्रनगर में दमकल विभाग के द्वारा किए जा रहे एक सरकारी भवन के निरीक्षण के दौरान मौके पर पहुं
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर के अधिकांश सरकारी और गैर-सरकारी भवनों में आग से बचाव के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। यह खुलासा दमकल विभाग के सर्वे में हुआ है। दमकल विभाग द्वारा किए जा रहे निरीक्षण के दौरान जोगिंद्रनगर की 30 सरकारी और गैर-सरकारी बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन यंत्र भी चुस्त-दुरस्त नहीं मिले। 20 इमारतों में जल भंडारण टैंकों के साथ होज ड्रिल की व्यवस्था भी नहीं मिली।
बीते एक माह से दमकल विभाग की टीमें जोगिंद्रनगर शहर, चौंतड़ा और लडभड़ोल क्षेत्र में सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थानों में आग से बचाव के प्रबंधों को जांच रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना के दौरान पर नुकसान को कम किया जा सके। वहीं भीषण की आग की घटनाओं के दौरान इसे काबू पाने के लिए उपलब्ध उपकरणों का दमकल विभाग द्वारा इस्तेमाल किया जा सके।
जोगिंद्रनगर अस्पताल में भी नियमों की अवहेलना
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की बहुमंजिला इमारत में भी नियमों की अवहेलना हो रही है। दमकल विभाग के सर्वे में अस्पताल के अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायर मिले हैं। 22 अग्निशमन यंत्रों में से कुछेक यंत्र ही आग पर काबू पाने के लिए दुरुस्त पाए गए। शहर के सामुदायिक भवन में भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इसके अलावा निजी अकादमियों, शॉपिंग मॉल में भी आग से बचाव के प्रबंध अधूरे पाए गए।
भवन मालिकों को जारी होंगे नोटिस
दमकल विभाग जोगिंद्रनगर के प्रभारी कर्म सिंह ने बताया कि बहुमंजिला इमारत में अग्निशमन यंत्र, होज बॉक्स के अलावा जल भंडारण टैंकों की व्यवस्था जरूरी है। फायर अलार्म लगाने के अलावा अस्पताल, सरकारी भवन, व्यापारिक प्रतिष्ठान में इन सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के लिए मूल्यांकन किया जा रहा है। समूचे विधानसभा क्षेत्र में सर्वेक्षण पूरा होने के बाद रिपोर्ट जिला दमकल विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद नोटिस जारी कर भवन मालिकों को मापदंडों को पूरा करने के लिए कहा जाएगा। अगर भवन मालिक गंभीर नहीं दिखे तो विभाग के नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करेगा।