मंडी। परिवार से दो दशक पहले बिछुड़ी कर्नाटक की एक महिला को मंडी प्रशासन और सरकार के प्रयासों से अपनों का साथ नसीब हो पाया है। वृद्ध आश्रम भंगरोटू में जीवन बसर कर रही साकम्मा अब अपने परिवार के पास लौट गई हैं। प्रशासन ने सोमवार को उन्हें कर्नाटक से आई सामाजिक कल्याण विभाग की एक टीम के सुपुर्द किया। प्रदेश सरकार ने कर्नाटक राज्य सरकार से समन्वय स्थापित कर उनकी घर वापसी सुनिश्चित की।
अतिरिक्त उपायुक्त मंडी रोहित राठौर ने बीते दिनों वृद्ध आश्रम भंगरोटू का निरीक्षण किया था। वहां सभी लोगों की जांच-पड़ताल की। एक ऐसी महिला से बात हुई, जो कर्नाटक राज्य की रहने वाली हैं। वह हिंदी नहीं जानती थी। इस कारण उनके घर-परिवार का पता नहीं चल पा रहा था।
मंडी जिले में सेवारत कर्नाटक राज्य से संबंध रखने वाले आईपीएस प्रोबेशनर रवि नंदन ने उस महिला से बात की। इसके परिणामस्वरूप महिला के घर और उसका परिवार कहां रहता है, की जानकारी ली। इसके बाद परिवार से बातचीत हुई। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि यह एक ऐसा परिवार था, जो इस महिला के गुम होने के बाद इसके मिलने की आशा छोड़ चुका था। अपनों को ढूंढने में एसडीएम पालमपुर नेत्रा मैत्ती ने भी सहयोग दिया। इसके बाद प्रदेश सरकार के स्तर पर संबंधित कर्नाटक राज्य सरकार से संपर्क कर उसकी घर वापसी की राह सुनिश्चित की गई। कर्नाटक सरकार की जिला प्रशासन विजय नगर से कल्याण विभाग की तीन सदस्यीय टीम वृद्ध आश्रम भंगरोटू पहुंची। एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी की उपस्थिति में महिला को टीम के सुपुर्द किया गया।
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हिमाचल कब और कैसे पहुंची, पता नहीं
कर्नाटक के सामाजिक कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधीक्षक बासोराज हेमजी ने बताया कि साकम्मा नाम की यह महिला कर्नाटक के जिला विजय नगर के गांव दनायाकनाकेरे की रहने वाली हैं। लगभग 20 साल पहले लापता हो गई थी। घर वाले इसे मृत समझ बैठे थे। यह महिला कब और कैसे हिमाचल पहुंच गई, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। महिला के कुशल-मंगल का समाचार सुनकर तीनों बच्चे और परिवारजन बेहद प्रसन्न हैं।