नेरचौक (मंडी)। भारत-पाक के बीच युद्ध की स्थिति में बंगलूरू से नेरचौक आ रहा सैनिक सुरेंद्र पाल छुट्टी रद्द होने की सूचना पर बीते छह मई को दिल्ली से ही लौट गया। घर में मां मोहनी बेटे का इंतजार कर रही हैं और उसके सुरक्षित होने की दुआ कर रही हैं।
नेरचौक के ढांगू निवासी मोहनी ने बताया कि बड़ा बेटा सुरेंद्र पाल (33) सीआईएसएफ में कार्यरत है। वह बंगलूरू से घर आ रहा था। दिल्ली पहुंचने पर पता चला कि छुट्टी रद्द हो गई है। वह वहीं से लौट गया। सात मई को उसने घर पहुंचना था। बताया कि बीते दो दिनों से बेटे से बातचीत नहीं हो पाई है।
चिंता लगी थी लेकिन अब सीजफायर होने से सुकून मिला है। बताया कि बड़े बेटे के जज्बे को देखते हुए उनका छोटा बेटा ठाकुर दास भी भारतीय सेना में भर्ती हुआ। इस समय उसकी तैनाती योल कैंट पर है। उन्हाेंने कहा कि सीजफायर की खबर राहत लेकर आई है। उम्मीद है कि जल्द बेटा घर लौटेगा। किसान पिता धनी राम का कहना है कि दोनों बेटे सेना में भर्ती होकर देश सेवा कर रहे हैं। दोनों पर नाज है। दोनों से जल्द मिलने की उम्मीद है।