मंडी में होली पर्व पर राजदेवता माधोराय संग होली खेलते श्रद्धालु।
मंडी। छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी जनपद में सोमवार को होली का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास और अगाध श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंडी की सुप्रसिद्ध होली की विशेषता यह रही कि यहां स्वयं राजदेवता माधोराय अपनी पालकी में सवार होकर भक्तों संग होली खेलने सड़कों पर उतरे। उनकी भव्य जलेब निकलने के साथ ही शहर में होली के उत्सव का समापन हो गया।
सोमवार सुबह से ही युवाओं की टोलियां सेरी चानणी की ओर रंग और गुलाल उड़ाते हुए निकल पड़ीं। रियासतकाल की यादों को ताजा करते हुए शहर के हर कोने में भक्ति और उल्लास का संगम देखने को मिला। दोपहर करीब दो बजे राजदेवता माधोराय की पालकी जैसे ही दरबार से बाहर निकली तो पूरा शहर जय माधोराय के जयकारों से गूंज उठा। देवता की पालकी ने शहर की मुख्य सड़कों का भ्रमण किया। इसके बाद राज दरबार से चौहटा, समखेतर, भूतनाथ मंदिर से वापस माधोराय मंदिर पहुंचे। इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने देवता पर गुलाल अर्पित किया और वाद्य यंत्रों की थाप पर जमकर नृत्य किया।
शाम होते ही कांभल वृक्ष की टहनियों की पारंपरिक पूजा की गई, जिसके पश्चात होलिका दहन संपन्न हुआ। पुरोहितों ने निश्चित समय पर माधोराय की पालकी को रामचंद्र मंदिर, जगन्नाथ मंदिर और बाबा भूतनाथ मंदिर सहित विभिन्न मोहल्लों में ले जाया गया, जहां फाग बरधवाती (होली की विदाई) की रस्म पूरी की गई।