मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की सांस्कृतिक संध्यो के लिए ऑडिशन देते कलाकार। संवाद
- फोटो : संवाद
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य पर रविवार को संस्कृति सदन कांगणीधार मंडी में शास्त्रीय गायन-वादन और रंगमंच कार्यक्रम शुरू हुए। इसका शुभारंभ उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने किया। रविवार को विभिन्न कलाकारों और संस्थाओं ने बेहतरीन नाटकों का मंचन किया। इसमें थ्रीडी थियेटर ग्रुप सुंदरनगर के कलाकारों ने लोकनाट्य बांठड़ा शैली में कंजूस राजा की रत्न गुफा का मंचन किया। इसमें कंजूस राजा अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का रोना रोता है और जनता की मूलभूत जरूरतें भी पूरी करने से मना करता है।
सारा धन रत्न गुफा में इकट्ठा करता रहता है। हर समय आर्थिक संकट है, कहकर खर्चा घटाओ-खजाना बढ़ाओ का नारा देता है। जनता उसके विरुद्ध हड़ताल कर देती है तो राजा उनके खात्मे के लिए अपने गुप्त घातक पांडा को भेजता है। बाद में राजा पश्चाताप करते हुए अपने गुनाह स्वीकार कर लेता है। अपनी रत्न गुफा की चाबी देकर सारा धन जनता को बांटने का आदेश देता है। इसके अलावा संवाद कला मंच की ओर से हरिशंकर परसाई द्वारा लिखित नाटक मातादीन चांद पर का मंडयाली रूपांतरण के रूप में मंचन किया।
सोसायटी फार द इंपावरमेंट ऑफ कल्चर की ओर से सदातहसन मंटो द्वारा लिखित नाटक क्या मैं अंदर आ सकता हूं और युनाइटेड थियेटर विलेज की ओर से क्रांतिकारी यशपाल नाटक की प्रस्तुति दी। जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि स्थानीय रंगमंच और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महाशिवरात्रि महोत्सव पर नाट्य एवं शास्त्रीय संगीत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
000