जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर मंडी-पठानकोट हाईवे पर हराबाग में 10 सालों से पहाड़ दरक रहा है। बावजूद इसके यहां पर वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
लगातार हो रहे पानी के रिसाव से खोखले हो चुके पहाड़ से बड़ी-बड़ी चट्टानें और मलबा सड़क पर गिरने से कई वाहन हादसे की चपेट में आने से भी बाल-बाल बचे हैं लेकिन यहां पर चेतावनी बोर्ड तक लगाने की जहमत विभागीय अधिकारियों ने नहीं उठाई है।
इस मानसून सीजन की बात करें तो यहां पर 20 से अधिक बार पहाड़ दरकने से यातायात भी अवरुद्ध हुआ। राहत की बात यह रही कि भूस्खलन के दौरान कोई भी वाहन मलबे व चट्टानों की जद में नहीं आया, अन्यथा यहां पर भी बिलासपुर जिले के बरठीं इलाके की तरह अनहोनी हो सकती थी।
इधर, एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित ने बताया कि हाईवे पर वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कार्रवाई अमल में ला रहे हैं। हराबाग में भूस्खलन से संभावित क्षेत्र में चेतावनी बोर्डों की व्यवस्था जल्द कर दी जाएगी। वहीं, तहसीलदार जोगिंद्रनगर डॉ. मुकुल अनिल शर्मा ने बताया कि मंडी-पठानकोट हाईवे पर जोगिंद्रनगर में भूस्खलन से संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड और अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने के लिए संबंधित विभाग को कई बार हिदायत दी गई है। अगर कहीं कमी रह गई हो तो उसमें भी सुधार लाने के लिए विभाग को कहा जाएगा।
भूस्खलन से घट्टा से घटासनी तक बन चुके हैं ब्लैक स्पॉट
सामरिक दृष्टि से अहम मंडी-पठानकोट हाईवे पर मंडी-कांगड़ा सीमा के घट्टा से घटासनी तक कई जगह भूस्खलन से ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं। जहां पर बड़े हादसों की आशंका बनी हुई है। पातकू, सुकाबाग और शहर के गुरुद्वारा और अपरोच रोड के समीप सड़क धंस जाने से वाहन चालकों को भी जोखिम उठाना पड़ रहा है। ढेलू के समीप हाईवे की सड़क पर जल भराव भी वाहन चालकों के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है।
अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने के दावे भी हवा
भूस्खलन से संभावित क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने के दावे भी हवा साबित हुए हैं। हराबाग के नागचला में भूस्खलन से प्रभावित करीब सौ मीटर क्षेत्र में यह व्यवस्था सालों बीत जाने के बाद भी नहीं हो पाई है। वाहन चालक रवि, मुनीश, विजेंद्र ने बताया कि हराबाग के नागचला और छाणंग में भूस्खलन से संभावित क्षेत्र में सुरक्षा के अधूरे प्रबंधों के चलते हर समय अनहोनी की आशंकाएं बनी हुई हैं।