सुंदरनगर (मंडी)। सुकेत वनमंडल में 3400 पक्की बुर्जियों के साथ जंगलों की बाड़बंदी की जाएगी। 537 नाकों और गश्त का लक्ष्य पूरा कर वन संपदा का संरक्षण किया जा रहा है। वन काटुओं और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर वन विभाग पैनी नजर रख रहा है।
वनमंडल सुकेत 86,940 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस वनमंडल के तहत 6 वन परिक्षेत्र, 19 वन खंड एवं 72 बीट हैं। यह क्षेत्र घने वनों, औषधीय पौधों तथा विविध वन्यजीव प्रजातियों के प्राकृतिक आवास के लिए जाना जाता है। ये वन न केवल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि मंडी जिले के प्रमुख जल स्रोतों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वनमंडल सुकेत की ओर से वनों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई गई है। इसके तहत नियमित गश्त के साथ-साथ प्रत्येक वन खंड में प्रति माह न्यूनतम चार रात्रि नाके एवं रेड आयोजित करना अनिवार्य किया गया है, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
नियमित दैनिक गश्त के अतिरिक्त वन मंडल सुकेत में एक विशेष वन निरीक्षण (स्पेशल चेकिंग) अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत विशेष आदेशों के माध्यम से वन कर्मी से लेकर वन मंडल अधिकारी तक सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सामूहिक रूप से एक ही वन परिक्षेत्र अथवा चिह्नित क्षेत्रों में फील्ड में तैनात रहते हैं।
अवैध कटान, वन उपज की तस्करी तथा वन्यजीव शिकार पर रोक लगाने के लिए आधुनिक तकनीक, खुफिया तंत्र एवं सतर्क निगरानी व्यवस्था का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
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अगले पांच वर्षों में बंजर एवं क्षतिग्रस्त पहाड़ियों पर सघन पौधरोपण कर हरित आवरण में 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ वन्यजीव आवास सुदृढ़ीकरण प्राकृतिक आवासों एवं जल स्रोतों का संरक्षण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। ईको-टूरिज्म के तहत स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नेचर ट्रेल, ईको-पार्क एवं ट्रैक का विकास किया जाएगा।
-राकेश कटोच, वनमंडल अधिकारी (सुकेत) सुंदरनगर