मंडी के पंडोह में हुए बस हादसे में घायल महिला पुलिस कर्मी का हालचाल जानते पुलिस कर्मचारी।
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मंडी। पंडोह डैम से कुछ पीछे उतराई पर बस ने एकदम रफ्तार पकड़ ली। बस ने एक टर्न लिया तो सवारियां बुरी तरह से हिलीं। सभी की नजरें चालक की ओर थीं। मैं चालक की तरफ की चार सीटेें पीछे था। देखा कि चालक बार-बार ब्रेक लगा रहा था लेकिन बस नहीं रुक रही थी।
सवारियों को संभलने की बात कहते हुए चालक ने बस डंगे की तरफ मोड़ दी। जोरदार धमाका हुआ और कुछ देर के लिए सब शून्य सा हो गया। अस्पताल में उपचाराधीन पधर के दुनीचंद ने आपबीती सुनाई और बोला चालक ने अपने प्राणों की आहुति देकर हमसब की जिंदगी बचा ली। अगर बस दूसरी ओर गिरती तो नदी में समा जाती।
पंडोह हादसे में सवारियों की जान बचाने के लिए अपनी जान देने वाले चालक नंद किशोर करीब एक साल पहले ही एचआरटीसी में चालक बने थे।
नंद किशोर के मामा जो मंडी डिपो में कार्यरत हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी इसी माह होने वाली है। नंद किशोर ने आने का वादा किया था लेकिन अनहोनी को कुछ और ही मंजूर था। नंदकिशोर के पिता की मौत हो चुकी है। बूढ़ी मां और पत्नी और दो बेटे हैं। एक बेटा दो माह और दूसरा दूसरी कक्षा में पढ़ता है। मौत की खबर से सभी गमगीन हैं।
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हादसा होने के बाद हाईवे से गुजर रहे राहगीर घायलों के लिए मददगार बने। औट पंचायत के प्रधान भूषण वर्मा ने बताया कि वे अपने किसी निजी कार्य से हमीरपुर जा रहे थे तो रास्ते में हादसे को देखकर वहीं पर रुक गए और अपने साथियों के साथ घायलों की मदद की। पंजाब से आए कुछ पर्यटक और अन्य लोगों ने संजीदगी दिखाते हुए घायलों की मदद की।