नेरचौक (मंडी)। बल्ह घाटी के नागचला में बीते 40 दिनों से चल रहा शुद्ध देसी घी परांठों का भंडारा समाप्त हो गया। इस दौरान रोजाना 5000 से अधिक परांठे नेशनल हाईवे-21 से गुजरने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को परोसे गए। परांठों के साथ चाय और पचरंगा अचार भी वितरित किया गया।
बरसात के कारण मंडी-कुल्लू मार्ग पर यातायात प्रभावित होने के बावजूद यात्रियों ने इस भंडारे का विशेष लाभ उठाया। यह भंडारा नागचला के प्रसिद्ध शिव मंदिर के बाबा श्री श्री 1008 शंभू भारती की याद में उनके भक्तों द्वारा आयोजित किया गया। मुख्य आयोजक शंभू सैनी ने बताया कि इस परंपरा की शुरुआत बाबा शंभू भारती ने की थी, जिसे अब भक्तगण आगे बढ़ा रहे हैं।
भंडारे में पंजाब से आए विशेष कारीगरों ने परांठे और हलवे की व्यवस्था संभाली। अंतिम दिन श्रद्धालुओं को देसी घी की जलेबी और हलवा वितरित कर भंडारे का समापन किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह भंडारा अगले वर्ष फिर से आयोजित किया जाएगा।