सराज में प्राकृतिक आपदा के बाद निकली प्राचीन बावड़ी। स्रोत जागरूक पाठक
थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र में आई भीषण आपदा ने लोगों को गहरे जख्म दिए, लेकिन साथ ही इतिहास के एक अनछुए पन्ने को भी उजागर किया।
बहलीधार पंचायत के बदनेच गांव में बनैंश नाले के प्रचंड बहाव ने लगभग 50 फीट नीचे दबी एक प्राचीन बावड़ी को बाहर ला दिया। अनंतकाल से मलबे में दबी यह बावड़ी 80 प्रतिशत अपनी मूल अवस्था में है।
गांव के 92 वर्षीय बुजुर्ग हरदास के अनुसार, उन्हें इस बावड़ी की कोई जानकारी नहीं थी। पहले भी बरसात में नाला बहता था, लेकिन इतनी तबाही कभी नहीं हुई। इस आपदा में बावड़ी के पास स्थित खेम सिंह, चमारू राम और हंसराज के तीन मकान नाले की भेंट चढ़ गए। संवाद