सकोह-पधर सड़क पर भूस्खलन के बाद विभाग ने सुरक्षा के लिए लगाए पत्थर। जागरूक पाठक
लडभड़ोल (मंडी)। विडंबना देखिए कि दो साल पहले लडभड़ोल-पंडोल-बैजनाथ मार्ग पर करसाल में हुए भूस्खलन की तरफ लोक निर्माण विभाग ने देखा तक नहीं। अब मानसून में फिर से उसी जगह भूस्खलन हो रहा है और यह मार्ग आवाजाही के बंद हो गया है। इससे विद्यार्थियों समेत हजारों की आबादी को परेशान होना पड़ रहा है। मार्ग पर पिछले पांच दिन से यातायात ठप है। इससे कई गांवों का संपर्क उपमंडल मुख्यालय से कट गया है।
करसाल में दो वर्ष पूर्व भी भूस्खलन हुआ था। इससे सड़क को काफी नुकसान पहुंचा था। लोक निर्माण विभाग दो साल में कुछ नहीं कर पाया। अब बारिश ने सड़क का नामोनिशान ही मिटा दिया है। मार्ग के बंद होने से बड़े और छोटे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। बसें और टैक्सियां केवल करसाल तक ही पहुंच रही है।
इससे आगे लडभड़ोल सहित अन्य गंतव्यों तक जाने के लिए लोगों को कई किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। करसाल निवासी अनिल कुमार, संजय कुमार, प्रकाश चंद, रवि पराशर, देवेंद्र सिंह आदि ने बताया कि दो साल पहले भी बारिश के कारण सड़क का आधा हिस्सा धंस गया था। लोक निर्माण विभाग को अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने सड़क पर पत्थर लगाकर अपना पल्ला झाड़ लिया। क्षतिग्रस्त सड़क के पास ही राजकीय उच्च पाठशाला करसाल है। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग लडभड़ोल के सहायक अभियंता पवन गुलेरिया ने बताया कि पहले बजट की कमी के कारण इस कार्य को नहीं करवाया जा सका था। अब विभाग ने इसका एस्टीमेट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। संवाद