हराबाग के जंगल में खंडहर प्राचीन मंदिर। स्त्रोत- जागरूक पाठक
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल की हारगुनैण पंचायत के हराबाग जंगल में प्राचीन मंदिर के अवशेष और दुर्लभ मूर्तियां मिलने के बाद पुरातत्व विभाग ने अब कार्रवाई की है। विभाग ने मौके पर चल रही अनधिकृत खोदाई के कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है। विभाग का तर्क है कि बिना तकनीकी विशेषज्ञता के की जा रही खोदाई से इन बहुमूल्य ऐतिहासिक साक्ष्यों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
पिछले कुछ दिनों से स्थानीय लोग और श्रद्धालु खंडहरनुमा स्थान की सफाई और खोदाई कर रहे थे, जहां से अद्भुत नक्काशीदार पत्थर और खंडित मूर्तियां मिली थीं। लोगों ने वहां पूजा-अर्चना और आरती भी शुरू कर दी थी। हालांकि पुरातत्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्पष्ट किया कि किसी भी प्राचीन स्मारक या अवशेष के साथ छेड़छाड़ करना नियमों के विरुद्ध है।
बताया जा रहा है कि मूर्तियां रामायण काल, गुप्त युग या प्रतिहार काल की हो सकती हैं। मंदिर 1905 में आए भीषण भूकंप के दौरान गिर गया हो सकता है। हालांकि इस मामले में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। इस मामले में राजस्व विभाग को भी सक्रिय कर दिया गया है। तहसीलदार जोगिंद्रनगर ने संबंधित पटवारी और कानूनगो से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
मौके का निरीक्षण करने के बाद खोदाई का काम रुकवा दिया है। ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना नियमों के खिलाफ है। -लक्ष्मी चंद्र, संरक्षक सहायक, पुरातत्व विभाग मंडी।
मामले को लेकर पत्राचार कर प्रशासन के उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। -रजत सेठी, तहसीलदार, जोगिंद्रनगर