कोटली (मंडी)। उपमंडल के कून का तर में प्रस्तावित 191 मेगावाट की थाना पलौन जल विद्युत परियोजना के प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के समक्ष रोजगार देने की मांग उठाई है। प्रभावितों ने क्षेत्र के खलाहणू में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन का निर्माण करने के साथ परियोजना की जद में आ रहे छह श्मशानघाटों की एवज में नए श्मशानघाट बनाने के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया।
हिमाचल पावर काॅरपोरेशन ने 191 मेगावाट की थाना पलौन जल विद्युत परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को माहन मेला मैदान में मुहाल माहन, कोट, कून और डवाहण क्षेत्र के प्रभावितों की शिकायतें सुनी गईं। सुबह 10:30 बजे मेला मैदान माहन में प्रभावित क्षेत्र के लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। उपमंडल अधिकारी ना. सहित हिमाचल पावर काॅरपोरेशन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रभावितों ने परियोजना प्रबंधन और प्रशासन से पुनर्वास को लेकर समय रहते तस्वीर साफ करने का आग्रह किया। सेवानिवृत्त तहसीलदार गुलाब सिंह ने सर्किल रेट को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि पहले सर्किल रेट अधिक जबकि वर्तमान में कम कर दिया गया है, इसकी वजह बताई जाए।
विद्युत बोर्ड से सेवानिवृत्त पूर्व में प्रधान रहे काहन सिंह ने कहा कि इस परियोजना से छह श्मशानघाट प्रभावित हो रहे हैं। नए सिरे से बना कर हर प्रकार की सुविधा प्रदान की जाए। लोगों ने खलाहणू में पीएचसी, सामुदायिक भवन की भी मांग उठाई। इस दौरान द्रुब्बल, कोट, डवाहण, खलाहणू क्षेत्र के लोगों ने स्थानीयों को रोजगार उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।
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पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना के अंतिम प्रारूप को लेकर लोगों के सुझाव एवं आपत्तियां मांगी जा रही हैं। इन शिकायतों और सुझावों को अंतिम प्रारूप में शामिल किया जाएगा।
-सार्थक शर्मा, तहसीलदार कोटली
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