सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर के जंगमबाग में भूस्खलन से प्रभावित कुलदीप और उसके परिवार के साथ हादसे में मारे गए गुरप्रीत के भाई परमीत को गुरुद्वारे में शिफ्ट कर दिया है। इस हादसे में परमीत ने अपने भाई-भाभी, भतीजी और मां के अलावा मकान को खोया है। वहीं उसके चाचा कुलदीप का मकान भी चारों तरफ से मलबे में घिर चुका है। ऐसे में इनके पास गुरुद्वारे में शिफ्ट होने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्हीं की बगल में हादसे में मारी गई शांति देवी की बेटी विद्या और उसके बेटा-बेटी अभी भी अपने ही मकान में रह रहे हैं।
हादसे के बाद यह परिवार बुधवार को पड़ोस के मकान में रात को रहने चला गया था लेकिन वीरवार को वापस अपने घर आ गया था। क्योंकि शोक प्रकट करने के लिए लोग आ रहे हैं। शांति देवी की नातिन पारुल ने बताया कि हम जाएं तो जाएं कहां, आखिर कब तक पड़ोस में रहेंगे। घर पर शोक प्रकट करने लोग आ रहे हैं।
ऊपर से पहाड़ी का मलबा आ रहा है। प्रशासन मंदिर और गुरुद्वारे में शिफ्ट करने की सलाह दे रहा है जबकि हमारी मांग है कि जिस बीबीएमबी की वजह से यह हादसा हुआ है, उनके खाली क्वार्टर में शिफ्ट किया जाए। अगर बीबीएमबी बरसात में पहाड़ी के नीचे पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदाई नहीं करता तो फिर यह मलबा नहीं आता। प्रशासन या तो उन्हें तीन कमरे का मकान किराये पर लेकर दे या फिर बीबीएमबी के खाली क्वार्टर उपलब्ध करवाए।
पारुल ने कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ तो हमें मजबूरी में इसी खतरे में रहना पड़ेगा। बेशक प्रशासन उनके घर-द्वार आ रहा है लेकिन अभी तक कोई पक्का ठिकाना नहीं दे रहा है। रिश्तेदार भी कुल्लू-मनाली में रहते हैं। आस पड़ोस में कितने दिन तक रहेंगे।
प्रभावित परिवारों को गुरुद्वारे में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की तरफ से फौरी राहत के तौर पर 25-25 हजार रुपये परिजनों को दिए गए हैं। प्रशासन की तरफ से कुल 1.75 लाख रुपये फौरी राहत के तौर पर दिए गए हैं।
-अंकित शर्मा, तहसीलदार सुंदरनगर