मंडी। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्कूटी निर्माता कंपनी और विक्रेता को स्कूटी का विक्रय मूल्य 1,26,522 रुपये की राशि उपभोक्ता के पक्ष में ब्याज सहित अदा करने का फैसला सुनाया है। इसके अलावा उन्हें 40 हजार रुपये हर्जाना और पांच हजार रुपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिए गए हैं। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पुरेंद्र वैद्या और सदस्य मांचली एवं जगदीश ठाकुर ने मंडी के टारना रोड निवासी नीरज कपूर की शिकायत को उचित मानते हुए ये आदेश पारित किए। इसमें स्कूटी निर्माता बंगलूरू स्थित ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी और गुटकर स्थित इसके विक्रेता को स्कूटी की राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने विक्रेता को उपभोक्ता के घर से अपने खर्चे पर स्कूटी को वापस लेने के भी आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता ने आयोग में शिकायत दायर की थी कि उन्होंने 14 मार्च 2025 को उक्त कंपनी की स्कूटी विक्रेता से खरीदने के लिए 1,26,520 रुपये की पूरी कीमत अदा की थी। आश्वासन दिया था कि उन्हें एक सप्ताह में स्कूटी सभी दस्तावेजों और बीमा सहित सौंप दी जाएगी। इसके बाद विक्रेता से संपर्क किया तो बताया गया कि 21 अप्रैल को स्कूटी दे दी जाएगी।
स्कूटी का बीमा 14 मार्च 2025 को कर दिया था जबकि उन्हें एक माह के बाद स्कूटी सौंपी गई। इसके चलते उपभोक्ता ने निर्माता और विक्रेता की सेवाओं में कमी को लेकर आयोग में शिकायत दायर की थी। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से निर्माता और विक्रेता की सेवाओं में कमी साबित हुई है। इसके चलते आयोग ने उन्हें शिकायतकर्ता की स्कूटी की राशि ब्याज सहित लौटाने और उनकी सेवाओं की कमी से उपभोक्ता को पहुंची मानसिक और शारीरिक यंत्रणा की एवज में हर्जाना राशि और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया है। संवाद