मंडी। हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद की बैठक प्रदेशाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार शैल की अध्यक्षता में ऑनलाइन हुई। इसमें निर्णय लिया कि टीजीटी शास्त्री पदनाम के संदर्भ में अंतिम बार सरकार के साथ मिलेंगे। यदि सरकार से सकारात्मक उत्तर नहीं मिला तो अन्य विकल्प ढूंढा जाएगा।
हर घर पाठशाला में शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाने के बाद अब शिक्षण सामग्री पर आधारित साप्ताहिक संस्कृत-संस्कृति क्विज भी शुरू की है। इसमें प्रति सप्ताह 6ठी से 10वीं तक के 50 हजार से अधिक छात्र भाग ले रहे हैं। कहा कि परिषद् का तीन वर्ष का कार्यकाल सितंबर में पूर्ण होगा लेकिन चुनाव प्रक्रिया अगले वर्ष अप्रैल में शुरू होगी। इसके लिए 16 फरवरी से ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू होगा। कोरोना काल में काल का ग्रास बने शास्त्री अध्यापकों को एक जुलाई के पश्चात जो सहयोग राशि एकत्रित हुई है, उसे चेक के माध्यम से संबंधित परिवार को दिया जाए।
बैठक में प्रदेश महासचिव डॉ. अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष सोहनलाल, संरक्षक डॉ. अरुण शर्मा, सचिव ललित शर्मा, प्रवक्ता शांता कुमार, आईटी सचिव विवेक शर्मा, आईटी संयोजक डॉ. अमनदीप शर्मा, कार्यालय सचिव चेतन शर्मा, बलदेव कुमार, नरेश मलोटिया, चंबा से अमर सेन, हेम सिंह, कांगड़ा से राजकुमार, नीरज शर्मा, ऊना से बलवीर चंद, शिवकुमार शर्मा, हमीरपुर से रजनीश कुमार, डॉ. विपिन शर्मा, मंडी से राजेश कुमार, बलवंत शर्मा, बिलासपुर से राजेंद्र शर्मा, भूपेंद्र गौतम, सिरमौर से रामपाल अत्रि, आचार्य राधेश्याम, शिमला से दिग्विजयेंद्र कालिया, भागचंद शर्मा, कपिल शर्मा, सोलन से अनमोल आनंद, सोहनलाल तथा धारोराम शर्मा, डॉ. राहुल शर्मा सहित 50 पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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