जोगिंद्रनगर (मंडी)। नगर परिषद जोगिंद्रनगर में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच गहराए विवाद के कारण विकासात्मक कार्यों पर ग्रहण लगना शुरू हो गया है। सात वार्डों में विकास कार्यों के लिए ऑनलाइन टेंडर हासिल करने में किसी ने भी दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
इससे करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये के टेंडर रद्द करने पड़े हैं। इस राशि से नगर परिषद में रास्तों का निर्माण, स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव, क्रेेटवाल आदि लगाए जाने थे। नगर परिषद ने 18 टेंडर आवंटित किए थे। इनमें से दो ही अलॉट हो पाए हैं। 16 टेंडर एक ही कोटेशन के चलते रद्द करने पड़े हैं। नप के वार्ड एक में रास्ते के निर्माण के लिए 342717 रुपये खर्च किए जाने थे।
वार्ड दो में भी रास्ते के निर्माण के लिए 184609 रुपये और इसी वार्ड में 107227 रुपये खर्च कर एक अन्य रास्ते का भी जीर्णोद्धार होना था। नगर परिषद जोगिंद्रनगर के विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लगातार तीसरी बार टेंडर रद्द हुए हैं। नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता शशिभूषण का कहना है कि परिषद के सात वार्डों में आवंटित 16 टेंडरों की सिंगल कोटेशन आने के बाद इन्हें रद्द करना पड़ा है। अब नई नीति के तहत ऑनलाइन टेंडर किए जाएंगे। संवाद