सुंदरनगर (मंडी)। शहर में गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले लोगों के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शुरू किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत जहां गरीब लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा, वहीं उन्हें स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा स्वरोजगार शुरू करने के लिए लोन का भी इस मिशन के तहत प्रावधान है। योजना को शहर में लागू करने के लिए वीरवार को नगर परिषद में अध्यक्ष पूनम शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।
जिसमें शहरी विकास विभाग की ओर से विशेषज्ञ विशाल चंदेल और डॉ. अरुण चौबे ने विस्तार से इसे लेकर जानकारी प्रदान की। विशाल चंदेल ने बताया इस योजना को पहले से ही प्रदेश के दस जिलों के मुख्यालयों में शुरू कर दिया गया है तथा अब इसे अन्य बड़े शहरों में शुरू किया जा रहा है। योजना का मुख्य लक्ष्य शहर में रहने वाले गरीब तबके के लोगों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। योजना के तहत युवाओं और किसी भी उम्र के व्यक्ति को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ शहर में आजीविका केंद्र स्थापित किया जाएगा। शहरवासियों को इस केंद्र का नंबर मुहैया करवाया जाएगा। लोगों को बिजली, प्लबिंग, ब्यूटी पार्लर, स्वीपर के अलावा अन्य कोई भी सुविधाएं चाहिए होंगी तो इस केंद्र के माध्यम से प्रदान की जाएंगी। जो युवा पढ़े लिखे हैं और बेरोजगार हैं, उनके लिए इस योजना के तहत प्रशिक्षण का प्रावधान है।
जिसके लिए कम से कम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। प्रशिक्षण हासिल करने के बाद एक व्यक्ति को अपना कार्य शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये तक का लोन 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर बिना किसी अधिक औपचारिकताओं के प्रदान किया जाएगा । चौबे ने बताया कि इसी योजना के अंतर्गत रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए स्थान चिन्हित करने और शहर में रैन बसेरा भवन निर्माण को लेकर भी प्रावधान है। इस अवसर पर नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक सेन, कार्यकारी अधिकारी अशोक शर्मा, पार्षद अजय शर्मा, रक्षा धीमान, पुष्पा देवी, अरुणा, ज्योति जम्वाल, सोहन लाल, दिनेश शर्मा, बुद्धि, मधुमती, बिमल शर्मा, संजय शर्मा सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।