कटौला (मंडी)। सरकार की ओर से 6 सितंबर को अधिसूचना जारी कर 6 प्रतिशत कमीशन को रूल सात के तहत निरस्त किया गया है। इसे लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों और अध्यापकों में भारी रोष है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षा खंड सदर दो कटौला ने इस निर्णय की आलोचना की है। संघ के अध्यक्ष लेखराज, कोषाध्यक्ष श्याम लाल और महासचिव चिंतामणि ने कहा कि यह आदेश न केवल कर्मचारियों और अध्यापकों की मेहनत एवं अधिकारों के साथ अन्याय है, बल्कि उनके भविष्य और परिश्रम का भी अपमान है।
संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि शिक्षक वर्ग ने हमेशा प्रदेश के विकास, विद्यार्थियों की शिक्षा और समाज निर्माण में अहम योगदान दिया है। ऐसे में सरकार की ओर से इस तरह का निर्णय लेना उचित नहीं है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि रूल सात ए का प्रयोग करते हुए सरकार ने जो कदम उठाया है, उससे कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा। यह कदम कहीं न कहीं अध्यापकों की सेवाओं का अवमूल्यन करने जैसा है। संघ ने सरकार से मांग की है कि इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए। संघ ने सरकार को चेताया कि यदि इस मामले में शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो मजबूरन कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। संवाद