अधिसूचना जारी किए बगैर अनुबंध अध्यापकों को रेगुलर करने का मामला सामने आने पर विभाग में हड़कंप है।
करसोग (मंडी)। शिक्षा विभाग की कोताही से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक तल्ख हो गए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैहण्डी में अरसे से अध्यापकों के नौ पद रिक्त चल रहे हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। लंबे समय से चल रही इस समस्या के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम स्कूल से कटवाने की बात कही है। स्कूल में टीजीटी साइंस अध्यापक का पद पिछले 10 साल से खाली है।
स्कूल पीटीए अध्यापकों के भरोसे चल रहा है। एक ओर जहां सरकार सभी स्कूलों में टेट पास अध्यापक रखने का दावा कर रही है, वहीं सरकारी स्कूलों में अध्यापकों का सूखा पड़ा है। क्षेत्र के तहत एक अन्य स्कूल डवेडी में बच्चों को बैठने के लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस पाठशाला के छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं। छात्र पढ़ाई करने के लिए खुले आसमान के नीचे बैठने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए स्कूल में गुरुजी ही नहीं है। मैहण्डी स्कूल में अध्यापकों की कमी को लेकर एसएमसी की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल में लंबे समय से चल रही अध्यापकों की कमी पर चर्चा की गई।
अभिभावकों ने बैठक में निर्णय लिया कि यदि एक महीने के भीतर स्कूल में स्टाफ की तैनाती नही की गई तो स्कूल से सभी छात्रों का नाम कटवा देंगे। जिसकी जिम्मेवारी स्थानीय प्रशासन, विभाग और प्रदेश सरकार की होगी। अभिभावकों का कहना है कि हैरानी की बात है कि 10 सालों से स्कूल में अध्यापक की कमी चल रही है मगर सरकार की तरफ से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस बैठक में अध्यापक-अभिभावक संघ प्रधान सोमकृष्ण, कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजीव कुमार, पंचायत प्रधान अनंत राम, उपप्रधान चेतराम सहित अन्य कई अभिभावक उपस्थित रहे।
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एक माह के भीतर सभी रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए विभाग प्रयासरत है।
...सुशील पुंडीर उच्च शिक्षा उपनिदेशक मंडी।