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प्रशिक्षण से अनुपस्थित शिक्षकों को देना होगा जवाब

Tue, 22 Mar 2016 08:15 PM IST
मंडी।
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टीचर - फोटो : demo pic
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मंडी। उच्च शिक्षा विभाग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक और कर्मचारी को इसका कारण बताना होगा। शिक्षा विभाग ने चालू शिक्षा सत्र 2015-16 के दौरान शिक्षक और गैर शिक्षक वर्ग द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने संबंधी रिपोर्ट तलब की है।
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चालू शिक्षा सत्र के दौरान देशभर के विभिन्न संस्थानों में शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक औरगैर शिक्षक वर्ग को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। इसके लिए जिला स्तर पर उच्च शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से योग्य शिक्षक और कर्मचारियों की ड्यूटी प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए लगाई जाती रही हैं। वर्ष भर जिले के सरकारी स्कूलों से विभागीय आदेशानुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षक और  कर्मचारियों का डाटा अब उपनिदेशक कार्यालय भेजना होगा।

जिसमें आदेशानुसार शिक्षक और कर्मचारी ने प्रशिक्षण हासिल किया है या नहीं, के बारे में  जानकारी देनी होगी। यदि सभी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है तो इसकी सूचना भेजनी होगी। वहीं, यदि आदेशानुसार प्रशिक्षण में कुछ शिक्षकों या कर्मचारियों ने भाग नहीं लिया और प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे हैं तो उन्हें इसका कारण बताना होगा। रिपोर्ट में प्रशिक्षण में भाग न लेने का कारण  स्पष्ट करना होगा। शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी स्कूल मुखिया दो दिनों के भीतर प्रशिक्षण संबंधी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग कार्यालय भेजें। रिपोर्ट भेजने में लापरवाही बरतने वाले स्कूल मुखिया के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक सुशील पुंडीर ने बताया कि सभी स्कूल मुखिया प्राथमिकता के आधार पर रिपोर्ट भेजें। प्रशिक्षण में भाग न लेने वाले शिक्षक व कर्मचारी कारण स्पष्ट करें।
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नई तकनीक और दक्षता लाने के लिए होती है ट्रेनिंग
शिक्षक और गैर शिक्षक वर्ग हिपा शिमला, जीसीटीई धर्मशाला, सीसीआरटी, आरआईई अजमेर और हिपा मंडी से विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग लेते हैं। कार्य में दक्षता लाने व पढ़ाई और विषय संबंधी नवीनतम तकनीक के बारे में बताने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई तकनीक और गैर शिक्षकों को कंप्यूटर सहित कार्य ऑनलाइन निपटाने के लिए गुर सिखाए जाते हैं।
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