कोटली-धर्मपुर नेशनल हाईवे पर टारिंग कार्य करते हुए।
कोटली (मंडी)। नेशनल हाईवे-003 पर कोटली बाजार से धर्मपुर की ओर टारिंग का कार्य गाबर कंपनी ने शुरू कर दिया है। सड़क को पक्का करने के लिए कंपनी की मशीनरी और मजदूर मौके पर डट गए हैं लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और योजना को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी सड़क पर तारकोल तो बिछा रही है, लेकिन पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज (नाली) बनाना भूल गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी ने इस हाईवे पर जितने भी पैच या निर्माण कार्य किए हैं, वे बेहद बेतरतीब तरीके से हो रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर हैरानी है कि एक राष्ट्रीय स्तर की कंस्ट्रक्शन कंपनी बिना किसी ठोस ड्रेनेज प्लान के टारिंग कैसे कर सकती है। सड़क किनारे दीवार की तरफ नाली न होने से बारिश का पानी सड़क पर ही रुकेगा, जिससे सड़क की उम्र कम हो जाएगी। स्थानीय निवासी कश्मीर सिंह ने कड़ा रोष जताते हुए कहा कि यदि दीवार की तरफ वाटर ड्रेन का निर्माण नहीं किया गया, तो यहां बिछाया जा रहा तारकोल एक साल भी नहीं टिक पाएगा। ड्रेनेज के अभाव में पानी सड़क के बीच जमा होगा, जिससे बहुत जल्द यहां गहरे गड्ढे बन जाएंगे और सरकारी धन की बर्बादी होगी।
कंपनी के इंजीनियर राहुल ने बताया कि कंपनी में सड़क निर्माण और ड्रेनेज का विभाग अलग-अलग रहता है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि कंपनी के पास इसके आदेश हैं और बहुत जल्द दीवार की तरफ वाटर ड्रेन का निर्माण भी करवा दिया जाएगा।