लोक निर्माण विभाग डिविजन जोगिंद्रनगर की प्रस्तावित सड़कों के कार्य प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सड़कों की टारिंग में उपयोग किए जाने वाले तारकोल (बिटुमिन) के दामों में वृद्धि के कारण ठेकेदारों ने मरम्मत कार्यों से हाथ पीछे खींच लिए हैं। इससे पहले से ही गड्ढों से जर्जर सड़कों पर हादसों का खतरा और अधिक बढ़ गया है। लोक निर्माण विभाग, डिवीजन जोगिंद्रनगर की प्रस्तावित सड़कों के कार्य भी इस वजह से प्रभावित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए ठेकेदारों को आवंटित कई टेंडर भी रद्द करने पड़े हैं।
तारकोल के दामों में करीब डेढ़ गुना वृद्धि के चलते ठेकेदारों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पहले जो 21 टन का टैंकर लगभग 12 लाख रुपये में मिलता था, उसकी कीमत में करीब सात लाख रुपये तक का इजाफा हो गया है। इस बढ़ोतरी का असर राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य मार्गों की टारिंग पर भी पड़ा है, जिससे निर्माण कार्यों की गति धीमी हो गई है। बताया जा रहा है कि ईराक, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों, विशेषकर तारकोल की कीमतों में उछाल आया है। प्रमुख बंदरगाहों के माध्यम से पंजाब और उत्तर भारत के राज्यों में पहुंचने वाला तारकोल महंगा होने से हिमाचल प्रदेश के मंडी और कांगड़ा जिलों के सैकड़ों ठेकेदारों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जोगिंद्रनगर में भी लोक निर्माण विभाग डिवीजन की कई सड़कों की टारिंग का काम प्रभावित हुआ है।
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तारकोल के दामों में वृद्धि से ठेकेदारों को आ रही समस्याओं के कुछ मामले मेरे संज्ञान में आए हैं। इन्हें सरकार और विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके और सड़कों की टारिंग के कार्यों में फिर से गति लाई जा सके। -इंजीनियर राजीव शर्मा, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, वृत्त जोगिंद्रनगर