लडभड़ोल क्षेत्र में तीन दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई
हैंडपंप का गंदा पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
लडभड़ोल (मंडी)। लडभड़ोल तहसील क्षेत्र में बढ़ती गर्मी के साथ पेयजल संकट भी लगातार गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत ने लोगों के हलक सूखा दिए हैं। स्थिति यह है कि क्षेत्र के कई गांवों में सप्ताह में केवल दो से तीन दिन ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है, वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही। जल शक्ति विभाग की लचर कार्यप्रणाली के चलते मुख्य बाजार लडभड़ोल सहित भड़ोल, दरोब-चणु और बलोटू में त्राहि-त्राहि मची हुई है। दरोब और चणु गांव की आक्रोशित महिलाओं रीना देवी, शेष देवी, धूपा देवी, बबिता देवी, आशा देवी, सपना देवी, सीमा देवी, मंजू देवी और शारदा देवी ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ रोष जताया। उन्होंने बताया कि गांव में सप्ताह में मात्र एक-दो दिन ही पानी की सप्लाई हो रही है।
पीने के पानी के अभाव में महिलाओं को कपड़े धोने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए मजबूरन हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि हैंडपंपों से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा और जो पानी निकल रहा है, वह गंदा व मटमैला है।
गुस्साई महिलाओं ने कहा कि गांव में 40 हजार लीटर क्षमता का टैंक तो बना दिया गया है, लेकिन उसमें पांच हजार लीटर पानी भी नहीं पहुंच पा रहा। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पहले थोड़ा-बहुत पानी आ जाता था, लेकिन अब पांच से दस दिन तक नल पूरी तरह सूखे पड़े रहते हैं।
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गागल-सिमस उठाऊ पेयजल योजना में तकनीकी खराबी आने के कारण पानी की सप्लाई बाधित हुई थी। अब खराबी को ठीक कर योजना को सुचारु रूप से शुरू कर दिया गया है। क्षेत्र के अन्य गांवों में पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए भी विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। -एसके नाग, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग उपमंडल लडभड़ोल