स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सामाजिक जागरण मंच ने धनोटू में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष दर्शन लाल ने की। सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर भी चर्चा की।
अध्यक्ष दर्शन लाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को आध्यात्मिक क्षेत्र में राष्ट्रीय संत की उपाधि दी गई है। उन्होंने अध्यात्म के रास्ते राष्ट्र को उन्नत बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने धार्मिक पाठ की जगह युवाओं को खेल के मैदान की ओर जाने की बात कही है। इससे उनके भीतर पाई जाने वाली ऊर्जा को समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगाया जा सके। सचिव नरेश कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं युवाओं को सही दिशा देने का सबसे बड़ा माध्यम है। इन्हें आज की युवा पीढ़ी को जानने के साथ जीवन में ढालने की ओर काम करना चाहिए। सदस्य जितेंद्र कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने समाज में पाई जानी वाली जातिगत छुआछूत और भेदभाव की भावना को समाज को खोखला करने वाली दीमक करार दिया है।
इसे लेकर समाज के सभी वर्गों को खुलकर काम करना चाहिए। इस मौके पर दिनेश कुमार, जयराम, प्रभ दयाल, निरंजन सिंह और राजकुमार आदि ने भी विचार व्यक्त किए। संवाद