संवाद न्यूज एजेंसी
लडभड़ोल (मंडी)। उपतहसील मकरीडी की ग्राम पंचायत खड़िहार के अंतर्गत ब्यास नदी के किनारे बसे डोल-गदयाड़ा गांव के ग्रामीणों में जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष है। पिछली बरसात में नदी के कहर से सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन गंवा चुके ग्रामीण अब आगामी बरसात को लेकर खौफजदा हैं। इस तबाही से बचाव के लिए विभाग की ओर से शुरू की गई सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य एक बार फिर अधर में लटक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि काम कुछ दिन सुचारु रूप से चला, लेकिन पिछले करीब एक माह से बंद पड़ा है। जानकारी के मुताबिक जल शक्ति विभाग की ओर से क्रेट वायर उपलब्ध न होने के कारण ठेकेदार ने काम रोक दिया है। मौके पर ठेकेदार ने प्रोटेक्शन बेस बना दिए हैं और गड्ढे भी खोदे गए हैं लेकिन तारों के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। स्थानीय किसान बालम राम, गोपाल बिष्ट, प्रभात धीरज और प्रवीण बिष्ट ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पिछली बरसात में उनकी सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन ब्यास नदी की भेंट चढ़ गई थी। इससे कई परिवारों की आजीविका पर गहरा संकट मंडरा रहा है। किसानों ने कहा कि अब फिर से बरसात का मौसम कुछ ही माह दूर है। अगर यह सुरक्षा दीवार समय रहते नहीं लगाई गई, तो इस बार फसल और जमीन भी पानी में बह जाएगी। ग्रामीणों ने विभाग को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द तार उपलब्ध करवाकर निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे।
सुरक्षा दीवार का कार्य बीच में सुचारु रूप से किया जा रहा था, लेकिन तार खत्म होने की वजह से फिलहाल काम रुका हुआ है। तारों की कमी और मांग को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। सामान उपलब्ध होते ही काम दोबारा शुरू करवा दिया जाएगा।
-विनोद कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग, सेक्शन गुलाणा