मंडी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू को सीबीएसई संबद्धता मिलने और कन्या पाठशाला को मर्ज करने के फैसले से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है।
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंद्धता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाई जारी रखने के इच्छुक विद्यार्थियों को अब छह से सात किलोमीटर दूर अन्य स्कूलों का रुख करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलमा, कनैड और बगला में दाखिला लेना पड़ेगा।
प्राइमरी से मिडिल स्कूल में खास कर छठी कक्षा में दाखिला लेने के लिए बच्चों को दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। मिडिल स्कूल दूर होने के कारण अभिभावक बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कर रहे हैं। अभिभावकों को हालांकि अब भी कन्या स्कूल का अस्तित्व बने रहने की उम्मीद है। इस उम्मीद के चलते कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला कन्या स्कूल भंगरोटू में करवाया है।
फरवरी में जारी आदेशों के अनुसार कन्या स्कूल भंगरोटू को लीड स्कूल में मर्ज किया गया है। अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फिलहाल सरकार की ओर से नए दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। -यशवीर धीमान, शिक्षा उपनिदेशक, जिला मंडी