5 माह गुजरने के बाद भी सभी काम रुके, फिर से संघर्ष के लिए बनाई रणनीति
मनरेगा व अन्य निर्माण मजदूर संगठन संबंधित सीटू की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मनरेगा और अन्य निर्माण मजदूर संगठन संबंधित सीटू की राज्य स्तयय बैठक मंगलवार को मंडी में हुई। बैठक की अध्यक्षता सीटू राज्य प्रधान जोगिंद्र कुमार ने की। बैठक में विभिन्न मसलों पर चर्चा कर रणनीति बनाई गई।
राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले दो साल से राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत साढ़े चार लाख मज़दूरों के रुके हुए लाभ अभी भी बहाल नहीं हो पाए हैं। हालांकि मार्च माह में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में मनरेगा मजदूरों के लाभ जारी करने और उनका पंजीकरण और नवीनीकरण करने का निर्णय लिया था। 5 माह गुजरने के बाद भी सभी काम रुके हुए हैं। बैठक में निर्णय लिया कि यदि सब काम बहाल नहीं होते हैं तो कामगार यूनियन को फिर से संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
भूपेंद्र ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को न तो निर्धारित सौ दिन का काम मिल रहा है और न ही उन्हें बढ़ी हुई पगार मिल रही है। बैठक में केंद्र सरकार से मांग की गई कि हिमाचल प्रदेश के सहायक लेबर आयुक्त और दो इंस्पेक्टर नियुक्त किए जाएं, ताकि मजदूरों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। निर्णय लिया कि 19 जुलाई को शिमला में सभी ट्रेड यूनियनों के साथ हुई बोर्ड के चेयरमैन की बैठक के जल्द निर्णय लागू किए जाएं और शीघ्र बैठक भी बुलाई जाए। बैठक में रविंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, विक्की, चमन लाल, रामचंद्र, गुरुदास, गोपेंद्र, राजेंद्र, अमित, सुनील, रंजन, नवीन,सहित अन्य कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।