मंडी। लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लगते ही जिला मंडी में भी कई विकास कार्य रुक गए हैं। लोगों को मिलने वाली सुविधाएं भी अब करीब चार माह तक लटक गई हैं। हालांकि अनुमति के साथ विशेष परिस्थितियों में विकास कार्य हो सकेंगे। इसके अलावा पहले से चल रहे कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नए कार्यों को शुरू करने पर रोक लग गई है।
सरदार पटेल विवि में स्टाफ के चयन की प्रक्रिया को शुरू करने और जेओआई की परीक्षा परिणाम को निकालने पर भी रोक लग गई है। ऐसे में विवि में स्टाफ नहीं होने के कारण हजारों विद्यार्थियों को प्रभावित होना पड़ेगा। इसके अलावा सरकाघाट क्षेत्र के तहत तहसील बलद्वाड़ा में लगभग बनकर तैयार हो चुके मिनी सचिवालय के उद्घाटन पर भी विराम लग गया है।
इसके अलावा पुरानी मंडी से पड्डल को जोड़ने वाला फुटब्रिज का शुभारंभ भी लटक गया। हालांकि यह पुल लगभग बन कर तैयार है। वहीं, जिला में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत सड़कों, विभागीय कार्यालयों के शिलान्यास आदि पर भी आदर्श आचार संहिता लागू होने से नए कार्य शुरू नहीं हो पाएंगे।
एसपीयू की प्रो वीसी प्रो अनुपमा सिंह ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लग जाने के बाद विवि में स्टाफ की चयन की प्रक्रिया अगले चार माह तक फिर से प्रभावित हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नरेंद्र ने बताया कि विकास कार्य प्रगति पर चल रहे हैं। प्रभावित होने वाला कोई बड़ा कार्य नहीं है। यदि जरूरत होगी तो अनुमति लेकर विकास कार्य किए जा सकते हैं।
जारी रहेंगे ये कार्य
जिला मंडी में मनरेगा के कार्याें, आपदा आने के बाद चल रहे राहत कार्याें पर आचार संहिता का कोई भी प्रभाव नहीं होगा। यह सभी कार्य चलते रहेंगे। वहीं, विशेष दिनों को भी मनाया जा सकेगा, मगर इसमें किसी भी प्रकार के राजनीतिक भाषण पर प्रतिबंध रहेगा। उधर, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का सख्ती के साथ पालन करवाया जाएगा।